Health Body Science : प्रतिरक्षा प्रणाली के हर एक सैनिक- Immune System Kya Hai || IMMUNE SYSTEM KE ELEMENTS|| PART-2 – In Hindi

Health Body Science : प्रतिरक्षा प्रणाली  के  हर  एक  सैनिक- Immune System Kya Hai || IMMUNE  SYSTEM  KE  ELEMENTS|| PART-2 – In Hindi

अब   आओ   दोस्तों   हम   PART – 1  की  थोड़ी  सी  SUMMARY   जान  लेते  है। जैसा   कि  मैंने  उस  PART – 1  में  बता  दिया  है  कि   हमारा  BODY SYSTEM  और  इस  से  जुड़ी  हर  एक  SYSTEM   COMPLICATED  हैं , जिसे   समझना लगभग  नामुम्किन  सा  हो   जाता  है। इसी  से  सम्बन्धित  IMMUNE  SYSTEM  है ,जो  हमे रोगों  से  लड़ने  के  लिए  ताक़त  देता  है। 

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तो   बिना  देर  किए  … LET’S  GET  STARTED. 
     
अब  मान  लीजिये  कि  आप  को  किसी  MOSQUITO  ने  काटा  है 
तब  आप  के  उस  जगह  पर  थोड़ा  सा  लाल  जैसा  ख़ून  दिखेगा 
तथा  आप  को  अज़ीब  लगेगा  और  आप  उस  जगह  खुजाएँगे। 
चूकी , ये  जो  आप  को  खुजली  हो  रही  है  इसका  मतलब  ये  हुआ
कि  आप  के   द्वारा  पाला  गया  सैनिक  अभी  लड़  रहा  हैं। और  लाल  नुमा  जो  आप  को  दिख  रहा  है  उसका  मतलब  है  कि आप  का  IMMUNE  SYSTEM  मजबूत  है। और  अब  आप  के  सारे  सैनिक  तैयार  है  उस  घुसपैठिये  से  लड़ने के  लिए आप  बस  निश्चिंत  रहिए। 

हम  आगे  बढे  उस  से  पहले IMPORTANT  CHARACTERS के  बारे  मैं  बात  करते  है। तो , 

      1. मैक्रोफेज <<MACROPHAGES>>  

            मैक्रोफेज   एक   प्रकार  का  सफेद  रक्त  कोशिका ( WBC )  है, 

            जो  आपकी  प्रतिरक्षा  प्रणाली(IMMUNE  SYSTEM )  का  

            हिस्सा  है।  मानव  प्रतिरक्षा प्रणाली  शरीर  से  सभी  विदेशी  

            पदार्थों (बाहर  से  आने  वाला वायरस और  बैक्टीरिया ) को  

            पहचानने , नष्ट  करने  और  हटाने  के  लिए  जिम्मेदार  है। 
             
            मैक्रोफेज  कणों  को  फैलाने  और  फिर  उन्हें  पचाने  के  लिए 

            फैगोसाइटोसिस  की  प्रक्रिया  का  उपयोग  करते  हैं। 

            सबसे  पहले  यही   विदेशी  पदार्थों  से  लड़ता  है।



                   
        

                                   

            और  उस  विदेशी  पदार्थों  से  लड़ता  है  और  जित  जाता  है 

            लेकिन  वो  विदेशी  पदार्थों  से  नहीं  जीतता  हो  तब  आगे  क्या  

            होता  है।


      2. न्यूट्रोफिल<< NEUTROPHILS CELLS  >>

             MESSENGER  PROTEIN  के  द्वारा  ये   विदेशी  पदार्थों 
 
             से  लड़ने  के  लिए  बुलाया  जाता  है। 
 
             न्यूट्रोफिल  सफेद  रक्त  कोशिकाएं  हैं  जो  हमारे  जन्मजात  
 
             प्रतिरक्षा  प्रणाली  में  कुछ  बहुत  महत्वपूर्ण  भूमिका  निभाती  हैं।
   
             न्यूट्रोफिल  (NOO-troh-fil)  एक  प्रकार  की  प्रतिरक्षा  कोशिका 
 
             है।  जो  किसी  संक्रमण  के  स्थल  की  यात्रा  करने  वाली  पहली 
 
             कोशिका  प्रकारों  में  से  एक  है।  न्यूट्रोफिल  सूक्ष्मजीवों  को 
 
             निगलना  और  सूक्ष्मजीवों  को  मारने  वाले  एंजाइम  को  जारी              
             
             करके  संक्रमण  से  लड़ने  में  मदद  करते  हैं। 
 

                             

 

           

  

      3.  डेंड्रिटिक << DENDRITIC  CELLS( DCs) >>

             डेंड्रिटिक  कोशिका  मुख्य  रूप  से  BONE  MARROW 
 
              में  बनता  है  और  इसे ACCESSORY CELLS  यानी  सहायक 
 
              कोशिका  भी  कहते   है। इसका   मुख्य  कार्य  एंटीजन 
 
              ( वायरस  एंड  बैक्टीरिया )  सामग्री  को संसाधित करना और 
              
              इसे  प्रतिरक्षा  प्रणाली  के  T-CELLS  को  कोशिका  की  सतह 
 
              पर  प्रस्तुत  करना  है। ताकि  T-CELLS   अपने  बड़े  BOSS 
 
              B – CELLS   से  कहे  कि  हमारे  यहाँ  कोई  भयानक एंटीजन  
 
              आया  है। 

                                 

 

 
 

      4.  एंटीबॉडी<< ANTIBODY >>

            Immunoglobulin  भी  कहा  जाता  है , ये  बड़े Y – आकार  के 
 
            प्रोटीन  होते  हैं  जो  बी-कोशिकाओं ( B -CELL ) द्वारा  निर्मित 
 
            होता है  जो  बैक्टीरिया  और  वायरस  की  सतह  पर 
 
            चिपक  सकते  हैं।  वे  Vertebrates  के  रक्त  या  अन्य  शरीर  के 
 
            तरल  पदार्थों  में  पाए  जाते  हैं।   प्रत्येक  एंटीबॉडी  अलग  है। वे 
 
            सभी  केवल  एक  प्रकार  के  एंटीजन  ( वायरस या बैक्टीरिया) 
 
            पर  हमला  करने  के  लिए  डिज़ाइन  किए  गए  हैं।
 
            ये  कुल  5  प्रकार  के  होते  है। 
 
            एंटीबॉडी  मुख्य  रूप  से  NUCLEUS  में  बनता  है  जिसमे  
 
            DNA  होता  है। और  DNA  एक  प्रकार  का  किताब  है  जिसमे  
 
            सब  कुछ  का  सवाल  होता  है। 
           
                                      

 

 
       

      5. T-CELLS  AND  B- CELLS

 
        T-CELLS (Thymus cells ) और  B-CELLS ( Bone marrow)
 
        ये  दोनों  क़ोशिका  महत्वपूर्ण  ROLE  निभाता  है।
 
         T – CELLS  अपने  आप  को  ढाल  लेता  है  अपने  डेंड्रिटिक 
 
         CELLS  के  बात  सुनने  पर  जो  एंटीजन  से  लड़ेगा। 
 
         B-CELLS को  T – CELLS  कहता  है   कि  कोई  ख़तरनाक 
 
         मेहमान  आया  हैं  जो  बिलकुल  अच्छे  नहीं  है। 
 
         B – CELLS  तब  बहुत  सारे  ANTIBODIES  को  बनता  है। 
 
                               

 

 
      

     6. MEMORY HELPER T- CELLS:-

 
         ये  T-CELLS  से  COPY  किया  हुआ  INFORMATION 
 
         लेता  है  उस  एंटीजन  का  जिस  से  ये  सारे  IMMUNE  
 
         SYSTEM  की   FAMILY   MEMBERS  लड़  रहे  है। 
 
         ताकि  जब  कभी  फिर  से  SAME  GUEST (एंटीजन )
 
         आये  तो  इससे  लड़ने  में  ज्यादा  मुशिकल  न  हो। 
 

               

       हेल्पर T – CELLS  हमे  बहुत  मदद  करता  है। 

 
       भविष्य   में   जब  SIMILAR  वायरस  और  बैक्टीरिया  आये  तो  
 
       उसका  आसानी  से  ख़ात्मा  हो  सके। 
 
 
        
 
इसी  के  साथ  मैं   AINESH  KUMAR  आप  सब  से  विदा लेता  हूँ।       अब   हम  NEXT  PART  में  आगे  कि  PROCESS   के  बारे  में  बाते  करेंगे। 
 
 

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