पृथ्वी और चंद्रमा का गठन कैसे हुआ ? How Were The Earth & Moon Formed // Explained By Ainesh kumar

The Formation of The Earth and The Moon || पृथ्वी और चंद्रमा का गठन कैसे हुआ? Explained By Ainesh Kumar

 
दोस्तों आज हमारी धरती पर अजीबो – गरीब जीव – जंतु पाए जाते है,कोई चलता है तो कोई रेंगता है कोई उड़ता है तो कोई तैरता है लेकिन इस धरती पर इस सब से भी ज्यादा विभिन्नता पाई जाती है। इसके विपरीत भी, हमारा चाँद बहुत विभिन्नता से भरा हुआ है, इस पर कही हमारी धरती से भी ऊँचा पर्बत श्रृंखला है तो कही अद्भुत खनिज तत्व है। 

लेकिन आप के मन में भी कभी न कभी ये आया ही होगा की आखिर क्या और कैसे हमारी धरती बनी होगी और चंद्रमा का विकास हुआ होगा ???

तो दोस्तों आज हम इसी विषय पर चर्चा करेंगे और जानेंगे इसके पीछे का रहस्य की किस प्रक्रिया से हमारी धरती बनी और कैसे चंद्रमा अस्तित्व में आया ???

तो आइये शुरू करते है…Let’s Start…😲😲😲

पृथ्वी अस्तित्व में कैसे आयी (5 अरब साल पहले क्या हुआ था )???

इस रहस्य के पीछे कई करना हो सकता है लेकिन जो मुख्य कारन वैज्ञानिक बताते है वो है की ब्रह्माण्ड में सबसे पहले गैस और धूल को Gravity ने एक जुट किया और फिर हमारा सूरज अस्तित्व में आया और बाकी ग्रह भी इसी तरह से अस्तित्व में आयी। 

Exactly, हमारी धरती बाकि सारे ग्रह के विपरीत एक अनुकूल वातावरण में है जिसे Goldilocks Zone यानी Habitable Zone कहते है इस प्रस्थिति में जल और अनुकूल वातावरण पाया जाता है। 

हमारी धरती वो जगह है जहाँ किसी भी प्रकार की जटिल जीवन अस्तित्व में आ सकती है।धरती सौरमंडल का वो एकलौता ग्रह है ज्ञात ग्रह है जहा जटिल जीवन पनपने के लिए सही तापमान है। 

दोस्तों जिस प्रकार हम मानव सभ्यता या जिव-जंतु का मरना निश्चित है उसी प्रकार हमारी दुनिया की भी शुरुआत हुई थी  तो मृत्यु भी अवश्य होगी वो भी मृत्यु और जन्म से परे नहीं है। 

भाग्यशाली और महत्वपूर्ण घटनाये जो धरती के लिए उत्तरदाई है –😲😮😦

1. वैज्ञानिक कहते है की 5 अरब साल पहले बड़ी मात्रा में धूल और गैस के कण Gravity की वजह से आपस में मिलकर एक बादल के सामान आकार बनाया जिसकी वजह उस बादल के Center में ज्यादा धूल और चट्टानों के कण का घनत्व हो गया और  जिस से हमारा सूरज बना और उस धूल तथा कण का 99. 9 % हिस्सा अपने अंदर समाहित कर लिया और बाकी का हिस्सा उस नवजात सूरज के इर्द-गिर्द घूमने लगे और सपाट होकर एक डिस्क बना लिया।धूल और चट्टानों के कण के Disk को यूं घूमना Protoplanetary disk कहते है। करोड़ो साल बाद, उसी धूल और चट्टानों के कण वाले बादल में हमारी पृथ्वी और बाकी ग्रहो का अस्तित्व आया। 



4.5 अरब साल पहले, हमारी धरती एक जीता-जागता नर्क के सामान थी जिसका तापमान करीबन 1200 डिग्री सेल्सियस था जो हमारा Venus Planet के सामान थी, इस समय आप इस पर पैर रखने की जुर्रत नहीं कर सकते थे क्योकि अगर आप इस पर पैर रखते तो आप दुबारा अपना पैर
को नहीं देख सकते थे। इस समय हमारी धरती एक जलता हुआ और उबलता हुआ नर्क का गोले की समान थी जिस पर लगातार कई करोड़ो साल तक Asteroids गिरते रहे जिस से बड़े-बड़े चट्टान बने और पानी की मात्रा आये। 

चाँद का बनना —

2.  4 अरब साल पहले, Theia ( थिय्या ) नाम की एक ग्रह हमारी धरती से टकराई थी जिसका आकर वैज्ञानिक कहते है की Mars के बराबर थी। (Theia ग्रह की रफ़्तार 15 km/sec थी जो एक बन्दुक से निकली Bullet के रफ़्तार से 20 गुणा तेज थी ) उस टकराओ के कारन हमारी पृथ्वी के चारों ओर अनगिनत छोटे-छोटे चट्टानों के टुकड़े घूमती रही और वो आज के शनि ग्रह के छल्ले( Ring ) की तरह एक घुमावदार Disk बन गया था,जो पृथ्वी पर लगातार कई वर्षों तक Asteroids बरसाता रहा। और इसी अनगिनत छोटे-छोटे चट्टानों के टुकड़े से ही हमारा चाँद बना जो हमारी पृथ्वी के व्यास से थोड़ा ही छोटा था जिस वजह से उस समय पृथ्वी अपने अक्ष पर ही अडिग थी। और चाँद का यूँ बड़ा होने की वजह से ही हमारी धरती पर अग्नि के लावा कई Feet उच्चे उड़ते रहे जिस वजह से हमारी धरती कई वर्षो तक रहने योग्य नहीं बन पाई उस समय एक दिन 6 घंटे के होते थे लेकिन कुछ कारणों से चाँद हमसे दूर चले गए और बाद में समय के साथ अग्नि के लावा शांत हुए। और Asteroids का यूँ गिरना अभी तक जारी था। 

चन्द्रमा बना लेकिन अब भी धरती बेजान थी,पृथ्वी पर चारो ओर खौलती-पिघलते चटाने थी। समय के साथ-साथ पृथ्वी ठंडी हुई और पृथ्वी की सतह ठोस हुई। इस समय धरती पर Nitrogen + Carbon Dioxide के मिश्रण से पृथ्वी की वातावरण दूषित हो चुकी थी। आप एक पल भी इस में सांस नहीं ले सकते थे।  

पानी का आना –मौसम का बनना 

LHB ( THE LATE HEAVY BOMBARDMENTS )

3.  3.8 अरब साल पहले धरती के Solid होने के करीबन 50 करोड़ साल बाद, Solar System के बाहर और ब्राहा ग्रह ( मुख्यत: जुपिटर और शनि ) के प्रभाव से हमारी धरती पर Metroids और छोटे-छोटे चट्टानों के आक्रमण होते रहे। इसी Period को The Late Heavy Bombardment कहते है। इस Period में करोड़ो साल तक Asteroids और Comets की बारिश होती रही। इसी दौरान धरती पर भारी मात्रा में पानी के स्रोत बने। क्योकि बाहर से आने वाले Asteroids और Comets अपने साथ पानी और बाकी अद्भुत तत्व लाये थे। करोड़ो सालो में, युवा पृथ्वी पर अद्भुत तत्व आये और पानी की बहुत मात्रा में जमावड़ा हुआ जो जीवन को सम्भव बनाने के लिए अनुकूल थे और इसी दौरान हमारी पृथ्वी के मौसम का निर्माण हुआ। 



Oxygen का निर्माण —

4.   2.8 अरब साल पहले इस युवा पृथ्वी पर अब भी बहुत ही ज्यादा गर्म वातावरण थे और कोई भी जिव व बैक्टीरिया इस वक्त Boom ( फलफूल ) नहीं सकते थे। लेकिन, कुछ अद्भुत प्रकार के बैक्टीरिया धरती के अंदर कुछ कर रहे थे और अपने को जीवन बनाये योग्य बना रहे थे।
जो बैक्टीरिया इस युवा धरती के अंदर फलफूल रहे थे वो सूरज के रोशनी व प्रकाश को अपने ऊर्जा के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। और इसी बैक्टीरिया की बदौलत धरती पर Oxygen आया इस सब प्रक्रिया में इस प्रकार के कोशिका व बैक्टीरिया बहुत कम मात्रा में ऑक्सीजन बनाते थे लेकिन काफी कोशिकाओं और बैक्टीरिया की वजह से कुछ लाखों और करोड़ो सालों में ही धरती पर Oxygen का भरमार हो गया था और हमारी धरती ऑक्सीजन से लबालब हो गया। 

Earth Magnetic Field–Or–Ozone Layer–

5.  हमारी धरती का यूँ बनना चलता रहा और युवा धरती वक्त के साथ-साथ ठोस और समतल होते गए जिस पर वातावरण अनुमानित किये जा सकते थे और वक्त का पहिया अब इस मोड़ पर आयी की हमे सूरज के UV (Ultraviolet ) किरणों से बचना था। UV Rays को रोकने के लिए हमारी धरती की ओजोन परत चाहिए थी जो धरती को इस UV Attack से बचा सकते थे तो अब हमारा Ozone layer बना। अब सौर ऊर्जा और सूरज से निकलने वाले खतरनाक सौर हवाये को रोकने के लिए धरती के दो 
Bodyguards बने, जिसे Ozone Layer और Earth Magnetic Field  कहते है। 

तो दोस्तों ये थे धरती के वो महान और कठिन बीते हुए Past जिसके चलते ही हम मानव सभ्यता आये। दोस्तों मैंने इस में कुछ ज्यादा ही Details में बताया है तो अगर आप को अच्छा लगा हो तो Please इस Gyan को दोस्तों में Share करे और मेरे gyanvigyanfacts से जुड़े रहे इसी तरह के ज्ञान वर्धक चीज़ो के बारे में जानने के लिए …धन्यवाद आप सब का। 

Posted By Ainesh Kumar

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