डायनासोर के अंत से कैसे मैमल्स इंसान में बदले ? Dinosaur End & Mammals Comes-Explained By Ainesh Kumar // PART-2

दोस्तों हम ने पिछले ब्लॉग में देख लिया की किस प्रकार डायनासोर का अंत हम मानवों के लिए वरदान साबित हुआ आज हम इस में जानेंगे की किस तरह हम मनुष्य बने एक छोटे से Mammals के प्रजाति से …




दोस्तों ये PART 2 है और इसमें हम सारी बाते जानेंगे की कैसे आखिर हम मनुष्य एक छोटे से Mammals स्तनधारी जिव की वजह से आज इस धरती पर राज कर रहे है। 

तो बिना देरी किये आईये शुरू करते है …So Let’s Begin..👉 

दोस्तों हम और आप तो जान गए की हम स्तनधारी जीवों से विकसित होकर यहाँ आये है लेकिन इस पड़ाव व प्रक्रिया में हम अपने आप को कैसे विकसित कर पाए आईये जानते है…

मेरा कहना है की आप लोग पहले दिए गए Link पर click कर PART-1 देख लीजिये जिसके देखने के बाद आप इस ब्लॉग में लिखी आगे वाली बात समझ पायेंगे। 


अब हम आगे बढ़ते है और जानते है की 6 करोड़ 50 लाख साल पहले उस उल्का पिंड के भीषण महामारी से सभी 25 किलोग्राम के ऊपर वाले जिव का विनाश हो गया था फिर Mammals अपने आप को उस गर्म और Radiation भरा माहौल में ख़ुद को कैसे विकसित किया होगा ???

डायनासोर का महाविनाश तथा स्तनधारी जिव अस्तित्व–

15 करोड़ साल तक राज कर रहे महादत्य जीवों का विनाश साढ़े 6 करोड़ साल पहले हो गया था और साथ ही, सभी प्रकार के 80 % जिव-जंतु का नाश भी हो गया था। और अब जो जिव इस बड़े-बड़े दत्य के डर से बिलों में छुपे हुए थे वो Finally उस बिल से बाहर आये और जो भी मिला उसे वो खाने शुरू कर दिए। क्योकि, ये महाविनाश छोटे-छोटे जीवो के लिए वरदान साबित हुई और ये  छोटे-छोटे जीवों की प्रजाति थी Mammals यानी स्तनधारी की। 

महाविनाश के कुछ लाख साल बाद तक धरती पर सूरज की रोशनी भी नहीं पहुंच पा रही थी लेकिन, वक्त रहते सब कुछ सामान्य हुए और धरती की वातावरण सुधरने लगी थी और अपने आप को फिर से निखारने में लग चुकी थी। 



आज से 4.7 करोड़ साल पहले –कुछ महत्वपूर्ण बदलाव 

उस महाविनाश के बाद जैसे सब कुछ नस्ट ही हो गया था लेकिन आज से करीब साढ़े 4 करोड़ साल पहले आज की ही तरह पृथ्वी की वातावरण सामान्य हो चूका था। इस वक्त धरती का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस हो चूका था और एक दिन 24 घंटे के बराबर होती थी। 

अब भी कुछ बदलाव होना बाकी था कुछ भूभाग बदलने थे इस वक्त हर महाद्वीप लगभग सामान्य हो चुकी थी, लेकिन इसी बिच एक बार फिर से Tectonic Plate में हलचल हुई जो धरती के दो दीपों को पास ले कर जा रही थी। इंडिया के भूभाग और एशिया महाद्वीप के भूभाग से टकराने से दो महाद्वीपों के बिच एक नए श्रृंखला अस्तित्व में आये जिसे हम हिमालय कहते है और जिस पर दुनिया के सबसे बड़े पर्वत है Mount Everest .

इस श्रृंखला और माउंट एवेरेस्ट की वजह से फिर से मौसम ठंढ़ा होने शुरू हो गए और इस श्रृंखला से निकलने वाला पानी कई नदियों के रूप बने। 
इस पानी को आज पूरी दुनिया की जनसँख्या का आधे से ज्यादा लोग इस्तेमाल करते है। 

लेकिन इस सब के विपरीत हम यानी Mammals अपने आप को विकसित करते जा रहे थे।

आज से 40 लाख साल पहले अफ्रीका के पूर्वी इलाके में–क्या विकसित हुआ ???

दोस्तों ऊपर दिए गए सभी बातो से Mammals हम जैसे नहीं दिखते है इस तरह प्रतीत होते है तब ये स्तनधारी जिव कब से हम जैसे बनने प्रारंभ किये 

आज से 40 लाख साल पहले अफ्रीका के पूर्वी इलाके में एक नय पर्वत शृंखला का निर्माण हुआ जिसका नाम EAST AFRICAN RIFT VALLEY . इस पर्वत शृंखला की वजह से इस Area में बह रहे हवा के बहाव में अवरुद्ध आ रहा था जिस वजह से जंगल के नमी गायब हो गए और लगभग सभी जंगल विलुप्त हो चुके थे और इसी वजह से इस इलाके में बारिश भी नहीं आ रही थी। और चारो ओर अब सूखा पड़ने लगा था। 

इसी EAST AFRICAN RIFT VALLEY में Apes प्रजाति रहते थे और इस प्रजाति को Ardipithecus Ramidus कहा जाता है ये अपना भोजन पेड़ पर रह कर ही प्राप्त करते थे लेकिन, वक्त ने इसे भी निचे उतरवा दिया ये उतरे क्योकि इन्हे भोजन नहीं मिल रहे थे। 




Ardipithecus Ramidus इन प्रजाति के दिमाग एक संतरे जितना बड़ा होता था और Height करीब 4 फ़ीट लम्बा हुआ करता था। इन्होने एक बहुत बड़ा फैसला लिए थे जमींन पर आने का लेकिन इन्हे दो पैरो पर चलने में कई साल लग गए थे। क्योकि, इन्हे डर लगता था अपने ही ऊंचाई से जो 4 फ़ीट की थी वो चलने की बजाये निचे बैठ कर जाते थे। लेकिन, बाद में कुछ सालों के बाद उन्हें अनुभव हुआ की हम दो पैरो पर चल कर अपना ऊर्जा बचा सकते है। 

अब हमारे पूर्वज के दिमाग बहुत तेजी से Growth करने लगा था और वक्त के बदलते प्रक्रिया में वो अपने आप को ढालते चले गए फिर हमारे पूर्वजों ने लकड़ी से हथिआर बनाना सिख गए साथ ही शिकार करना भी सिख गए थे। 

वही दूसरी तरफ दूसरे प्रजाति के Apes अब आग जलाना भी सिख गए थे और ये थे Homo Erectus और ये हमारे पूर्वज के लिए सबसे बड़ी कामयाबी थी क्योकि,अब मांस को वो पका कर खाते थे जिसमे कम ऊर्जा इस्तेमाल होती थी  जिसका मतलब था की बाकी ऊर्जा का इस्तेमाल दिमाग़ के विकास में Use होंगे। इस आग की खोज से अब Apes के Family भी बन रहे थे और वो सब एक दूसरे से आँख और हाथ के इशारों से बात करना भी सिख चुके थे । और यही से Family बनने की परंपरा आयी।  और आखरी विकास हमारे पूर्वजों ने की वो थे अलग-अलग Expression  
के साथ भाषा बोलना और अपनी बात को दूसरे को समझाना, लेकिन ये प्रक्रिया आसान ना थी इस सब में कई साल लग गए थे।

आज से 2 लाख साल पहले — Homo Sapiens 

दोस्तों कहते है ना की विकास में कई समय लगते है और जो विकास के और प्रस्तितियो के साथ अपने आप को टिकाये रखता है वही आगे विकसित होते रहते है। इसी प्रकार कई हजार साल के बाद अब हमारे छोटे से पूर्वज Mammals एक बड़ा और हम जैसे दिखने वाले बन गए थे। 

आज से 2 लाख साल पहले ही मानव का असली रूप विकास के चरणों को पार कर के आये और वो थे Homo Sapiens. 

Homo Sapiens वो Last पूर्वज थे जिनके पास सब कुछ का अनुभव था वो आग जलाना सिख चुके थे, वो आपस में बात कर सकते थे, उनकी Family बन चुकी थी, और वो सभी प्रकार के औजारों से वाकिफ़ हो चुके थे। 



तो दोस्तों आज का सफर हम यही पर खत्म करते है और मैं आशा करता हूँ की आप को भी मजा आया होगा मेरे साथ इस सफर में और दोस्तों आप से विनम्र विनती है की मेरे द्वारा लिखा हुआ आर्टिकल पर Comment करे और अगर आप चाहे तो Share भी कर सकते है। आप सब का धन्यवाद करता हूँ पूरी Article पढ़ने के लिए। 

Posted By Ainesh Kumar 

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