क्या सौर तूफान सभ्यता को नष्ट कर सकते हैं || Could Solar Storms Destroy Civilization || Solar Flares & CME || Explained By Ainesh Kumar

क्या सौर तूफान सभ्यता को नष्ट कर सकते हैं || Could Solar Storms Destroy Civilization || Solar Flares & CME || Explained By Ainesh Kumar

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कल्पना कीजिये एक ऐसे दिन की जिस दिन पुरे शहर की लाइट गुल हो जाये ; और आप के सारे Technical Work  ठप  पर जाये। ना आप का मोबाइल ठीक से काम करता हो ,ना आप का लैपटॉप,ना आप का GPS ,ना आप का TV और ना ही आप के बड़े – बड़े मशीन काम करती हो जिस पर आप अख़बार छापते हो या टेक्नोलॉजी से सम्बंधित कुछ बनाते हो,इत्यादि।तब आप सब का Point Of View क्या होगा Please Comment में बताये और हाँ आप सोच रहे होंगे की आज मुझे क्या हो गया है की मैं इस तरह की बाते कर रहा हूँ ; तो जी ऐसी बात है की हमारी धरती जिसे हम कह कर लड़ते रहते है वो Actual में कुदरत की देन है और वो जब चाहे छीन सकते है हम मानव उनका कुछ भी नहीं बिगाड़  सकते है। Actual में, मैं जिस चीज़ के बारे में बात करने जा रहा हूँ वो है “”सौर तूफ़ान “” जिसे इंग्लिश में “”Solar Flares”” कहते है।

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1989 eastern कनाडा में रात के 2:45 पर साढ़े 6 मिलियन घरों से लाइट चली गयी पुरे 9 घंटे के लिए। 

दोस्तों अब सवाल ये है की ये सब कैसे हुआ और इसका क्या कारण है, तो यारो इसका जवाब है जो सूरज हमे जीवन देता  है और जो सूरज धरती से शांत नजर आता है वो Actual में शांत नहीं है वो हर वक्त अपने में से चारो तरफ Radiation छोड़ता रहता है जो हमारे मानव सभ्यता के लिए काफी ख़तरनाक है। 

जो 1989 में घटना हुआ था कनाडा में उसका कारण CME (Coronal Mass Ejection ) या जिसे “”सोलर Storm”” भी कहते है;इस स्तिथि में सूरज जो थे वो कनाडा के ईस्टर्न साइड में ज्यादा मात्रा में प्लाज़मा Eject कर दिया था उसी वजह से कनाडा का लाइट चला गया था। 

 
प्र्शन :- सोलर Storms  बनते कैसे है ???
देखिये दोस्तों जैसा की हम जानते है हमारे  धरती का दो ध्रुव है एक उत्तरी  ध्रुव और दूसरा दक्षिणी ध्रुव लेकिन आप को जान कर हैरानी होगी की जिस सूरज को हम देखते है उस के कई सारे ध्रुव है, इसका मतलब ये हुआ की  हमारी धरती का एक ध्रुव इस ओर है तो दूसरा उस ओर यानी की दोनों ध्रुवो का मिश्रण नहीं हो सकता  है। लेकिन आप जानते है की सूरज का कई सारे ध्रुवों की वजह से उस पर Magnetism का ज्यादा प्रभाव होता है और इसी वजह से उसके Magnetic Fields आपस में काफी ज्यादा Twist हो जाता है और इसी वजह से सूरज से अलग – अलग मात्रा में Solar Storms निकलते रहते है। 

ACTUAL में, होता ये है की सूरज के ऊपर और निचे के भाग वाले ध्रुव का प्लाज़्मा सूरज का एक चक्र लगाने में 35 दिन लगाता  है जबकि सूरज के बिच वाले भाग का प्लाज़्मा जिसमे काले – काले धव्वे भी होते है जिसे सूरज का Solar Spot  कहते है ये सूरज के एक चक्र लगाने में 25  दिन का समय लेता है ; इसीलिए इस से निकलने वाला Radiation अलग – अलग मात्रा में काफी ज्यादा होता है जिसे Solar Flares कहते है।
कभी – कभी Solar Flares एक ही दिशा में गमन करने लगता है जिसमे काफी मात्रा में Eject प्लाज़्मा  होता है और ये हमारे धरती के लिए हानि भी हो सकता है और इसी प्रक्रिया को CME या Coronal Mass Ejections  कहते है। 
 
दोस्तों आप सब तो जानते ही होंगे की सूरज में जो ऊर्जा उत्पन होता है वो Nuclear Fission की प्रोसेस से ही होता है, जो हर समय होता रहता है,लेकिन आप को जान कर हैरानी होगी की सूरज का मैगनेटिक फील्ड इस से भी ज्यादा ख़तरनाक हो सकता है हमारी धरती के लिए और जितना ज्यादा Solar Storms Twists करेगा या जितना ज्यादा मैग्नेटिक फील्ड आपस में उलझेगा उतना ही ज्यादा ख़तरनाक होता है। 
 
प्रश्न ;- इस सारे तूफानों से मानवजाति का किस तरह से नुकसान हो सकता है ???
वैसे दोस्तों सूरज पर इस तरह के सौर तूफानों से हमारी धरती का कुछ नुकसान नहीं हो सकता है,लेकिन अगर एहि बड़ी मात्रा में होये तब क्या होगा ???
 
आप जानते ही है की जब ऊर्जा यानी Solar Flares एक सीधी तरह से एक तरफ ही बहता है रहता है उसे CME कहते है,और यही वो ऊर्जा है जो धरती के लिए ख़तरनाक हो सकता है। इसकी अंतरिक्ष में फैलने की रफ्तार काफी ज्यादा होता है यानी करीब – करीब 700 से 800 मिल प्रति सेकंड होती है,जो काफी ज्यादा है। कभी – कभी ये ऊर्जा इधर-उधर फैल जाते है,लेकिन जब ये सीधे हमारी धरती की तरफ ही आये तब ये खतरनाक है। 
 
वैसे इसको पहुंचने में कुछ दिनों का समय भी लग सकता है,लेकिन जब इस ऊर्जा यानी प्लाज़्मा का रफ़्तार ज्यादा हो तब ये 16 से 18 घंटे तक के अंदर भी पहुंच सकते है। 
 
देखिये दोस्तों वैसे तो हमारी धरती  की कोर की वजह से जो Earth Magnetic Fields बनते है वो हमे सभी मुसीबतो से बचाता है। 
 
क्या होता है की जब ये प्लाज़्मा हमारी धरती से गुजरता है तब ये हमारी धरती  के Magnetic Field  से टकराता है और आखिर में जीत भी हमारी धरती की ही होती है,लेकिन क्या होगा अगर ये magnetic field सूरज के द्वारा फेंका गया ऊर्जा के सामने कमजोर पड़ जाये ??? 
 
अब आप मान लीजिये की CME या Solar Flares कैसे भी कर के हमारी धरती की Magnetic Field को तोड़ देता है,तब ये ऊर्जा धरती के North और South से गुजरेगा और जब ये गुजरेगा तब उस Area में काफी सुंदर नज़ारा देखने को मिलता है जिसे Northern Light या फिर Aurora Borealis भी कहते है। 
 
अब ये सारे ऊर्जा South और North से होते हुए हमारे वातावरण में घुस जाएगा और उस में पाए जाने वाले हवा में मिलकर वातावरण के Temperature को बढ़ा देगा जिस से उस Area में कई प्रकार के ख़तरा सो जायेगा जैसे :- बिजली पावरहाउस का Overload (जिस वजह से उस जगह के Light गुल हो जाएगी और सारे बिजली से चलने वाली उपकरण ठप पर जाएगी ), Ship Navigation बंद पड़ जायेंगे , Mobile Connection Cut जाएगी , Train सेवाएं बंद हो जायेगा, मैट्रो थप पड़ जायेंगे,इत्यादि। 
 
तो दोस्तों इस तरह की घटना हो भी चूका है जो मैंने ऊपर बताया है आप फिर से उसे पढ़ सकते है की कैसे कनाडा का कई सारे भाग इसी ऊर्जा की वजह से अँधेरे में पड़ गए थे। 

प्रश्न :-अब प्रश्न ये है की हमे सूरज से आने वाली ऊर्जा का पता पहले से ही नहीं लगा सकता है ???

देखिये दोस्तों हमारे वैज्ञानिक के पास अभी तक इस तरह के कोई भी उपकरण नहीं है जिससे पता चले की कब – कब सूरज में Solar Flares होने वाला है , वो सिर्फ धरती से नजर आने वाली तूफानों को ही देख सकते है खाली। लेकिन वैज्ञानिक जानते है की इसकी ऊर्जा सबसे ज्यादा कब ख़तरनाक हो सकता है ;सूरज हर 11 सालो में अपने Magnetic Fields की ध्रुवों को बदलता रहता है,और उसी समय ये ऊर्जा या तूफान काफी बढ़ जाता है। 
 
पिछली बार इस तरह की घटना 2012 में हुआ था यानी सूरज अपना Magnetic Field  को बदला था और अब ये घटना 2023 में होगा। 
 
तो दोस्तों इस तरह की घटना हमारी धरती पर न हो इसलिए हमे भगवान से दुआ करना चाहिए। 
 
और हाँ, इस Blog से आप कुछ भी सीखे हो तो pls Comment  कर के बताये की आप सब ने क्या सीखा मैं आप सब का छोटा और प्यारा भाई Ainesh Kumar .
 
 
आप सब का धन्यवाद !!! 

Posted By Ainesh Kumar 

 

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